वोटर लिस्ट से लेकर चुनाव आयोग के अंदरूनी मतभेद तक… देश की चुनावी प्रक्रिया पर फिर उठे बड़े सवाल! - MEDIA VNI - Vision National & International

Breaking

MEDIA VNI - Vision National & International

MEDIA VNI



जाहिरात Advertisement..

Follow on Whatsapp Channel

Advertisment

Advertise With Us...इथे जाहिरात करा प्रसिद्धी मिळवा...

जाहिरातीसाठी संपर्क : 8208600591 / info.media.vni@gmail.com

वोटर लिस्ट से लेकर चुनाव आयोग के अंदरूनी मतभेद तक… देश की चुनावी प्रक्रिया पर फिर उठे बड़े सवाल!

25 सितंबर 2026
MEDIA VNI 
वोटर लिस्ट से लेकर चुनाव आयोग के अंदरूनी मतभेद तक… देश की चुनावी प्रक्रिया पर फिर उठे बड़े सवाल!
मीडिया वी.एन.आय : 
नई दिल्ली : देश की चुनावी व्यवस्था को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। विवाद की मुख्य वजह मतदाता सूची में चल रहा Special Intensive Revision यानी SIR और चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर सामने आई असहमतियां हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, पिछले करीब 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक आपत्तियां दर्ज कीं। इनमें मतदाता सूची के SIR से जुड़े मामले भी शामिल बताए गए हैं।
इसी रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी प्रक्रिया को लेकर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के रूप में इन्हें प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
वहीं, विपक्षी दलों की ओर से संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की तैयारी की खबरें भी सामने आई हैं।

वोटर लिस्ट पर भी बड़ा विवाद

SIR को लेकर पश्चिम बंगाल में भी बड़ा विवाद सामने आया। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि SIR के दौरान हटाए गए 27.16 लाख मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक लोगों ने नाम दोबारा शामिल कराने के लिए अपील की है। आयोग ने इन हटाए गए नामों के पीछे अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट प्रविष्टियों जैसी वजहों का उल्लेख किया है।

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि 10 महीनों में दर्ज आपत्तियों को पूरी प्रक्रिया की तस्वीर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग के अनुसार उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए और आंतरिक टिप्पणियां सामान्य संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
इसी विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार के मेरठ और वाराणसी के युवा मतदाता जागरूकता कार्यक्रम भी फिलहाल स्थगित किए गए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलाव, चुनाव आयोग की आंतरिक आपत्तियां और विपक्ष के लगाए आरोप—इन सभी पर आने वाले दिनों में क्या तस्वीर सामने आती है?
यह मामला अब संसद, न्यायपालिका और चुनाव आयोग—तीनों स्तरों पर चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।

MEDIA VNI — खबर वही, जो सवालों को सामने लाए।
From voter lists to internal rifts within the Election Commission... major questions have once again been raised regarding the country's electoral process!
#MediaVNI #Delhi #election #Voters #SIR #Politics #India #HindiNews #BreakingNews 
#National #Government #NationalNews 

Share News

copylock

Post Top Advertisement

(MEDIA VNI)

Chief Editor, Founder & Director

"Mr. Rajesh Khobragade"

Educational Qualifications :- BA, MA, B.ED, MAJMC, MBA...

जाहिरातीसाठी संपर्क : 8208600591
-->