दि. 19 जुलै 2026
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संसद मार्च: सीजेपी ने संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण का किया आह्वान, तिरंगे और संविधान के साथ जुटेंगे नागरिक
मीडिया वी.एन.आय :
दिल्ली : लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और संविधान की सर्वोच्चता को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने एक राष्ट्रव्यापी 'संसद मार्च' का आह्वान किया है। संगठन ने इस आंदोलन को सफल, शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाने के लिए अपनी विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसमें संवैधानिक मर्यादाओं के पालन पर विशेष जोर दिया गया है।
आंदोलन का स्थान और उद्देश्य
दिल्ली में CJP (Cockroach Janta Party) का "चलो संसद" आंदोलन मुख्य रूप से युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। आंदोलन की प्रमुख मांगें हैं:
यह शांतिपूर्ण संसद मार्च 20 जुलाई को सुबह नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर से शुरू होकर संसद भवन की ओर निकाला जाएगा। सीजेपी ने देशभर के नागरिकों से निर्धारित समय पर जंतर-मंतर पहुंचकर मार्च में शामिल होने की अपील की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान समय में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण तथा नागरिकों की आवाज़ को संसद तक पहुँचाने के उद्देश्य से इस मार्च का आयोजन किया जा रहा है। उनका मानना है कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी आज पहले से अधिक आवश्यक है।
सीजेपी की विशेष गाइडलाइन: संकल्प और अनुशासन
संगठन ने मार्च में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए कुछ प्रमुख निर्देश जारी किए हैं।
तिरंगा और संविधान का संकल्प:
सीजेपी ने हर प्रतिभागी से अपील की है कि वे अपने हाथों में तिरंगा और भारतीय संविधान की प्रति लेकर चलें। यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के प्रति निष्ठा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक होगा।
अहिंसक और मर्यादित प्रदर्शन:
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण, गरिमामय और अनुशासित रहेगा। प्रतिभागियों से किसी भी प्रकार के उकसावे, हिंसा या विवाद से दूर रहने की अपील की गई है, ताकि आंदोलन की गरिमा और उद्देश्य अक्षुण्ण बने रहें।
प्रशासनिक सहयोग:
प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग करने का आग्रह किया गया है। सीजेपी का उद्देश्य अपनी बात को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँचाना है।
लोकतांत्रिक आवाज़:
संगठन का कहना है कि इस मार्च के माध्यम से नागरिकों की आवाज़ को संसद के गलियारों तक मजबूती से पहुँचाया जाएगा, ताकि नीति-निर्माता जनता की चिंताओं और संवैधानिक अपेक्षाओं पर गंभीरता से विचार कर सकें।
लोकतंत्र की मजबूती की ओर कदम
सीजेपी के पदाधिकारियों का कहना है कि यह मार्च देश की विविधता, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का प्रयास है। संगठन को उम्मीद है कि जागरूक नागरिक बड़ी संख्या में इसमें शामिल होकर संविधान और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देंगे।
सीजेपी का यह आह्वान उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है, जो मानते हैं कि संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे में रहकर किया गया शांतिपूर्ण आंदोलन ही लोकतांत्रिक परिवर्तन का सबसे प्रभावशाली माध्यम है।